A Borrowed Identity

A Borrowed Identity

अगले जन्म एक औरत बनना चाहता हूँ।

किसी तकलीफ़ में अपने आँसू
किसी के कमीज़ से मैं भी पोंछ सकूँ,
ऐसा एक साथी मैं भी चाहता हूँ,
अगले जन्म एक औरत बनना चाहता हूँ।

अपने ही घर में अगर कोई तकलीफ़ हो
तो उसे छोड़,
कहीं एक नया आँगन बसाना चाहता हूँ,
मैं एक औरत बनना चाहता हूँ।

किसी के जाने के बाद
उसके निशानी में अपनी उजरी हुई माँग
मैं भी दिखाना चाहता हूँ,
मैं एक औरत बनना चाहता हूँ।

बाबुल के अलावा कोई गैर भी
अपना ले मुझे,
एक ऐसा एक संसार मैं भी चाहता हूँ,
मैं एक औरत बनना चाहता हूँ।

कुछ अनकही कहानी
बेखौफ़ अपने माँ की गोद में
सिर रखकर मैं भी सुनना चाहता हूँ,
अगले जन्म एक औरत बनना चाहता हूँ।

थक चुका हूँ होठों पे हँसी
और दिल में एक कसमकस को ढोते-ढोते,
जी भर के आज मैं भी
सरेआम रोना चाहता हूँ,
हाँ, अगले जन्म में
एक औरत बनना चाहता हूँ।

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